परवाह नहीं चाहे ज़माना कितना भी खिलाफ हो,
खुला आसमान है, फिर भी हम कैद से लगते हैं,
साफ़ दिल वालों को ही भुला दिया जाता है…
देखते है पहले कौन मिलता है, हमे दोनो का इंतजार है…!
झूठी दुनिया और झूठे लोगों के बीच निभ नहीं पाता।
मोहब्बत में हार कर भी तुझे याद करता हूँ,
जिसे छोड़ देते हैं… उसी को सबसे ज़्यादा याद करता है।
मुझसे ज्यादा तुझे मेरी आंखें चाहती हैं
अरे खा गई हैं मुझको उसकी यादें… दिन-रात वही सताती हैं।
वह शायरी जो टूटे दिल, धोखे और जज़्बात को शब्दों में पिरोकर गहरा असर छोड़े, उसे दर्द भरी शायरी कहते हैं।
मेरी सच्ची बातों को भी उसने झूठ ही माना।
ये नज्में गजले छोड़ो तुम्पर किताब लिख देता हु…!!!
यूँ भरी महफ़िल में तमाशा ना बनाया करो।
वरना कुछ पल का साथ तो जनाजा Sad Shayari in Hindi उठाने वाले भी देते है…!